
PRIME INDIAN NEWS✍️H S CHAWLA
खरड़, (PIN):- एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा ने खरड़ में एडवोकेट एन.के. वर्मा के निजी संपत्तियों पर लगाए गए बैनरों को कथित रूप से हटाने व फाड़ने पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यदि ये बैनर संबंधित संपत्ति मालिकों की सहमति से उनकी निजी संपत्तियों पर लगाए गए थे, तो संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि किस कानूनी आधार पर और किसके आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।


एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा ने कहा कि प्रशासनिक और नगर परिषद के कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे कानून और निर्धारित नियमों के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करें। यदि किसी नियम का उल्लंघन हुआ था, तो उसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कानूनी आधार के निजी संपत्तियों पर लगी प्रचार सामग्री को हटाना या नुकसान पहुंचाना कई तरह के गंभीर सवाल खड़े करता है।

एडवोकेट राणा ने कहा कि पंजाब सरकार और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए तथा संबंधित नगर परिषद अधिकारियों से इस कार्रवाई के संबंध में जवाब मांगा जाना चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में रहकर अपने विचार व्यक्त करने और राजनीतिक गतिविधियां करने का अधिकार है। प्रशासनिक मशीनरी को निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभावपूर्ण या पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए।
एडवोकेट राणा ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए ताकि कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करके यह स्पष्ट किया जाए कि बैनर हटाने की कार्रवाई किस अधिकारी के आदेश पर की गई है।
एडवोकेट राणा ने सरकार से अपील की कि इस मामले पर विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी प्रशासनिक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर करें।
एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।






















































