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सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने के मामले में पूर्व पार्षद संजीव त्रेहन व अशोक कुमार बरी

एडवोकेट जतिंदर अरोड़ा द्वारा दी गई दलीलों से आरोप साबित न होने पर अदालत ने दिया आदेश

जालंधर, एच एस चावला। JMIC मैडम अर्पणा की अदालत ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने व सरकारी कार्य में रूकावट डालने के मामले में आरोप साबित न होने पर उस समय के जालंधर कैंट के पार्षद संजीव कुमार त्रेहन पुत्र तिलक राज त्रेहन निवासी वार्ड नम्बर-1 जालंधर कैंट तथा अशोक कुमार प्रधान बजरंग भवन पुत्र अमर नाथ निवासी मोहल्ला नम्बर 23, जालंधर कैंट को बरी किए जाने का आदेश दिया है।

इस संबंधी जानकारी देते हुए एडवोकेट जतिन्द्र अरोड़ा ने बताया कि इन दोनों के खिलाफ तिथि 27 जून, 2017 को थाना जालंधर कैंट में धारा 114, 188, 291, 505 व 34 IPC के तहत मामला दर्ज किया गया था। एडवोकेट जतिन्द्र अरोड़ा ने बताया कि कैंटोनमैंट बोर्ड प्रापटी नंबर 16 से 19, बी-3 लैंड जोकि मोहल्ला नंबर 19 जालंधर कैंट में है, मोहन बीर लाल व पन्ना लाल के नाम पर है, जिसमें बजरंग भवन मंदिर बना है। जिसका प्रधान अशोक कुमार था, दूसरी मंज़िल पर बने बजरंग भवन मंदिर के निर्माण का कार्य कैंटोनमेंट बोर्ड की मंजूरी के बिना चल रहा था, जिस कारण बोर्ड ने इसको रोकने के लिए इस ऊपर जाने वाली सीढ़ियों पर कार्य रूकवा कर कागज़ की सील लगा दी थी।

जिस कारण लोगों ने इसका विरोध किया और प्रधान अशोक कुमार व संजीव कुमार त्रेहन कौंसलर ने लोगों के साथ मिलकर कैंटोनमेंट बोर्ड के CEO के खिलाफ उसके कार्यालय के आगे धरना दिया, परन्तु CEO के छुट्टी पर होने के कारण सभी इकट्ठे होकर वापीस मंदिर चले गए और सीढ़ियों में लगी सील को तोड़ दिया, जिसके बाद इनके खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया था, परन्तु एडवोकेट जतिंदर अरोड़ा द्वारा दी गई दलीलों से आज अदालत ने आरोप साबित न होने पर इन दोनों को बरी किए जाने का आदेश दिया है।

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