
कल सुबह 11 बजे भी किया जाएगा रोष प्रदर्शन, दोपहर 1.00 बजे तक कैंट की सभी दुकानें रहेंगी बंद,
जालंधर कैंट, एच एस चावला। बेशक हमारा भारत देश सन 1947 को आज़ाद हो गया था मगर जालंधर कैंट वासी आज भी गुलामी की जिंदगी बशर कर रहे हैं। यहां आज भी अंग्रेजों वाला कानून चल रहा है, जिसके चलते कैंट वासियों की बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले कई दिनों से जालंधर कैंट की और आस पास के इलाकों के लोगों को “लोकल मिलिट्री ऑथोरिटी” द्वारा चेकिंग को लेकर बहुत परेशान किया जा रहा है, पहले कैंट में एंट्री बैरियर के बाद “लोकल मिलिट्री ऑथोरिटी पुलिस” सिविलियन इलाकों कई जगहों पर नाके लगाकर हेलमेट के नाम पर आम जनता को परेशान करके चालान तक करवा रही है, यही नहीं बच्चों, बजुर्गों व महिलाओं को भी नहीं छोड़ा जा रहा है।
आज जब बात बर्दाशत से बाहर होते देख कैंट वासियों ने सड़कों पर ही उतर कर “लोकल मिलिट्री ऑथोरिटी” व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। इस मौके भारत सरकार द्वारा मनोनीत कैंटोनमेंट बोर्ड जालंधर के सिविल मैंबर श्री पुनीत भारती शुक्ला ने भी कैंट वासियों के साथ हो रही धक्केशाही का जमकर विरोध किया।
श्री शुक्ला ने कहा कि मैंने पहले भी कैंट वासियों के साथ हो रही इस धक्केशाही व मनमानी को देखते हुए अवाज़ बुलंद की थी लेकिन मैं इस मामले में कैंट वासियों के साथ चाहता था जोकि आज स्पष्ट रूप में मिलता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने मुझे पब्लिक का नुमाइंदा नियुक्त किया है न कि प्रशासन का।

श्री शुक्ला ने सभी कैंट वासियों को अपील करते हुए कहा कि कल सुबह 11 बजे अपने हक के लिए एकत्र होकर कैंट वासियों के साथ हो रही धक्केशाही के खिलाफ आवाज़ बुलंद करके उन्हें इस परेशानी से निजात दिलाएं। इस मौके कैंट के कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
















