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कैंटोनमेंट बोर्ड जालंधर की हुई मीटिंग, कई मुद्दों पर बनी सहमति, सिविल सदस्य व हल्का विधायक ने लोगों के हक में उठाई आवाज़

जालंधर कैंट, एच एस चावला। कैंटोनमेंट बोर्ड जालंधर की बोर्ड मीटिंग प्रेजिडेंट कैंटोनमेंट बोर्ड कपिल सूद की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सिविल सदस्य श्री पुनीत भारती शुक्ला सीईओ कुंवर ओमपाल सिंह उपस्थित हुए। इस मीटिंग में कैंट हलका विधायक स. प्रगट सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की।

मीटिंग में 25 एजेंडा आइटम में से छावनी के कैंटोनमैंट सिविल क्षेत्र में गली मोहल्लों की इंटरलॉकिंग टाइल, सीसी फ्लोरिंग, ड्रेनेज, कैंट फंड प्रॉपर्टीज के रखरखाव आदि मुद्दों सहित छावनी की सुंदरता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्थानों पर छावनी में आपका स्वागत है, के बोर्ड लगाना व कैंटोनमैंट सीनियर सैकेंडरी स्कूल के प्रिंसीपल को 31 मार्च तक एक्सटेंशन का प्रपोजल प्रिंसीपल डायरैक्टर के पास भेजने पर सहमति बनी।

मीटिंग में कई मुद्दों पर छावनी में स्पोर्ट्स ग्राउंड व खेल सुविधाएं बढ़ाने के मुद्दे पर सिविल सदस्य श्री पुनीत भारती शुक्ला ने कैंट हल्का विधायक स. प्रगट सिंह की बात पर सहमति जताई, जिसे लेकर बोर्ड अध्यक्ष कपिल सूद ने सीईओ कुंवर ओमपाल सिंह को इस और ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहा।

मीटिंग में सिविल सदस्य श्री पुनीत भारती शुक्ला ने कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों के आर्थिक शोषण के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया व इसका एक ज्ञापन भी बोर्ड अध्यक्ष को सौंपा। एजेंडा आइटम न. 24 जो कि लगभग 3.50 करोड़ के पेडेस्ट्रियन पाथवेज बनाने की थी का विरोध किया और पुनीत भारती शुक्ला ने डायसेंट नोट दिया।

उन्होंने आइटम के शीर्षक में भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ सुविधाएं भारत के लोगों का मौलिक अधिकार है, का हवाला देते हुए एजेंडा आइटम नंबर 24 में शीर्षक में छावनी में भी लोगों के लिए फुटपाथ सुविधा और छावनी में पैदल चलना उनका मौलिक अधिकार है पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह एक मजाक जैसा लगता है क्योंकि जालंधर छावनी में कई सड़कों को बंद करके लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में हम पैदल चलने वालों के लिए पेडेस्ट्रियन पाथवेज (किसी सड़क के दोनों और पैदल चलने वाला फुटपाथ) की योजना कैसे बना सकते हैं और मौलिक अधिकारों का हवाला कैसे दे सकते हैं।

सिविल सदस्य पुनीत भारती शुक्ला ने शिवाजी रोड व ओल्ड स्टेशन रोड आदि का हवाला देते हुए कहा कि पहले यह सड़कें खोलनी चाहिए फिर यहां पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जो सड़कें बंद है, वहां फुटपाथ बनाना सार्वजनिक धन का नुकसान करना है, पोरस रोड पर भी फुटपाथ बनाने के प्रस्ताव पर भी उन्होंने कहा कि यहां सड़क के दोनों और सीएसडी के बड़े-बड़े ट्रैकों की पार्किंग होती है।

इस बाबत मीडिया द्वारा किये सवाल का जवाब देते हुए पुनीत भारती शुक्ला ने कहा कि वह सड़क के दोनों और राहगीरों के लिए फुटपाथ बनाने के विरुद्ध नहीं है लेकिन जालंधर छावनी में बंद सड़कों पर फुटपाथ बनाना या जहां पर कैंटोनमेंट क्षेत्र के लोगों का आना-जाना ही नहीं होता, वहां पर लाखों रुपए लगाकर फुटपाथ बनाना “पैसे की बर्बादी” करना है। उन्होंने अपने डायसेंट नोट को इस प्रोसिडिंग में दर्ज करने के लिए कहा ताकि मंत्रालय तक फंडामेंटल राइट्स के उल्लंघन का मामला पहुंच सके।

कैंट हलका विधायक स. प्रगट सिंह ने बंद सड़कों के खुलने और जनता को बेवजह परेशान ना करना और राहत देने की बात पर जोर देते हुए कहा कि कैंट वासियों का व्यापार बैरियर पर ज्यादा सख्त चैकिंग होने के कारण समाप्त होता जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोग परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छावनी क्षेत्र में खेल के मैदान को विकसित करना चाहिए। इस पर बोर्ड अध्यक्ष कपिल सूद ने कहा कि वह पुरी कोशिश कर रहे हैं कि छावनी की जनता को परेशानी न हो।

इस मौके बोर्ड अध्यक्ष कपिल सूद, सिविल सदस्य पुनीत भारती शुक्ला, सीईओ कुंवर ओमपाल सिंह, विधायक परगट सिंह सहित अन्य बोर्ड अधिकारी मौजूद थे।

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