
राष्ट्र सेवा से जुड़ी गौरव, सम्मान और कर्तव्य की भावना पर प्रकाश डाला
जालंधर, एच एस चावला। आर्मी पब्लिक स्कूल, ब्यास ने 19 अगस्त 2025 को “आर्मी – ए लाइफ़ लेस ऑर्डिनरी” विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान का आयोजन किया। यह व्याख्यान कर्नल विनोद जोशी, कमांडिंग ऑफिसर 2 पंजाब एनसीसी बटालियन द्वारा प्रस्तुत किया गया। सत्र का उद्देश्य छात्रों को सशस्त्र सेनाओं में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें कमीशन प्राप्त करने के विभिन्न मार्गों और सर्विसेज़ सेलेक्शन बोर्ड (SSB) की तैयारी की रणनीतियों से अवगत कराना था।

कर्नल विनोद ने राष्ट्र सेवा से जुड़ी गौरव, सम्मान और कर्तव्य की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), कॉम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज़ (CDS), टेक्निकल एंट्री स्कीम्स और शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) जैसे कमीशन के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी तथा लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए वर्दी पहनने का स्पष्ट मार्गदर्शन प्रस्तुत किया।
कर्नल विनोद ने छात्रों को सेना के जीवन की झलक भी दिखाई—जहाँ सौहार्द, अनुशासन और रोमांच की अद्वितीय संस्कृति है। उन्होंने सेना की संरचना, उसकी विविध भूमिकाओं और इसमें उपलब्ध व्यावसायिक विकास व व्यक्तिगत उन्नति के विशाल अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने अधिकारियों को मिलने वाले वेतनमान, सुविधाओं और लाभों का भी उल्लेख किया, जिनमें नौकरी की सुरक्षा, चिकित्सा देखभाल, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और गरिमामय जीवनशैली शामिल हैं।
इन सबके कारण सशस्त्र सेनाएँ एक आकर्षक और संतोषजनक करियर विकल्प बनती हैं। व्याख्यान का मुख्य केंद्र बिंदु SSB की तैयारी रहा, जहाँ कर्नल विनोद ने नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीमवर्क और प्रभावी संचार जैसी योग्यताओं पर ज़ोर दिया। उन्होंने छात्रों को यह सुझाव दिया कि वे अपनी व्यक्तित्व का विकास करें, आत्मविश्वास बढ़ाएँ और उन “अफसरनुमा गुणों” (OLQs) को आत्मसात करें, जिनकी तलाश SSB करता है।
सत्र को छात्रों ने उत्साहपूर्वक ग्रहण किया और करियर की संभावनाओं, प्रशिक्षण के अवसरों तथा सेना के जीवन से जुड़े विषयों पर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे। कर्नल विनोद ने उन्हें केंद्रित रहने, शारीरिक रूप से तंदुरुस्त और मानसिक रूप से दृढ़ बने रहने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। यह आयोजन ब्यास के युवा छात्रों को प्रेरित और उत्साहित कर गया कि वे सशस्त्र सेनाओं के माध्यम से राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दें।
















