
कहा – जनता के हित में आवाज़ उठाना मेरा प्रथम धर्म व कर्तव्य, कैंट वासी 2 सितंबर तक अपने सुझाव और आपत्तियां अवश्य दर्ज करवाएं
जालंधर कैंट, एच एस चावला/सैवी चावला। कैंटोनमेंट बोर्ड जांलधर द्वारा बिल्डिंग बाय लॉज के लिए अखबारों में विज्ञापन दिया गया था, जिसमें 2 सितंबर 2026 तक जालंधर कैट वासियों से सुझाव व ऐतराज मांगे गए हैं, बता दें कि बिल्डिंग बायलॉज जोकि 1937 में बना था और अब 2026 में बनाया जा रहा है।
इस संबंधी भारत सरकार द्वारा मनोनीत कैंटोनमेंट बोर्ड जालंधर के सिविल सदस्य पुनीत भारती शुक्ला ने PRIME INDIAN NEWS के प्रतिनिधि से बातचीत करते हुए कहा कि वह इस बिल्डिंग बाय लॉज को कभी भी पास नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में वह पत्र दे चुके हैं और वह इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं।

श्री शुक्ला ने स्पष्ट रूप से कहा कि कैंट के अंदर 7 वार्ड परंतु इस समय वह 7 वार्डों में अकेले ही सिविल सदस्य की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैंटोनमेंट बोर्ड अगर कोई कानून लाना चाहता है तो बोर्ड का पूर्ण रूप से होना आवश्यक है और जब तक 7 वाडों में पार्षद पद का चुनाव नहीं हो जाता। इस प्रकार का कोई भी कानून कैंट की जनता पर नहीं लगने दिया जाएगा।
सिविल सदस्य श्री शुक्ला ने कहा कि कैंट वासी पहले से ही कई प्रकार से कैंट बोर्ड द्वारा की जा रही परेशानीयों को झेल रहें हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने घरों के निर्माण व मुरम्मत करने के लिए बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है और अगर अब नया बिल्डिंग बॉय लॉज जारी हो जाता है तो लोगों को और भी मुसीबत आ जाएगी।
श्री शुक्ला ने कहा कि अगर कैंटोनमेंट बोर्ड ने कोई नया कानून लाना है तो वह कैंट के गणमान्य नागरिकों से विचार विमर्श करके तथा कैंट वासियों की सहमति से ही लागू होना चाहिए न कि उच्चाधिकारियों की मनमानी से नया कानून बना के लोगों पर थोप देना चाहिए।
सिविल सदस्य पुनीत भारती शुक्ला ने कहा कि बेशक भारत सरकार द्वारा मुझे कैंटोनमेंट बोर्ड जालंधर का सिविल सदस्य मनोनीत किया गया है लेकिन मैं पब्लिक का नुमाइंदा हूँ और जनता के हित में आवाज़ उठाना मेरा प्रथम धर्म व कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पार्टी बाजी से ऊपर उठकर मैं सदैव कैंट वासियों की सेवा में हाज़िर हूँ।
श्री शुक्ला ने कैंट वासीयों से अपील करते हुए कहा कि वह 2 सितंबर 2026 तक अपने सुझाव व आपत्तियां अवश्य दर्ज करवाएं। उन्होंने कहा कि कैंट वासियों की सेवा करना ही उनके प्रथम धर्म है और वह कैंट वासियों के साथ थे, साथ हैं व हमेशां साथ रहेंगे।
















