अपने पिता स्वर्गीय अनिल दत्ता के नक्शे कदम पर चलते हुए पार्टी मे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं अपना दायित्व
जालंधर, एच एस चावला। मेहनती, ईमानदार व निडर युवा नेता अंगद दत्ता को दूसरी बार जिला जालंधर शहरी युवा कांग्रेस के प्रधान चुना गया है। जालंधर जिले में युवा कांग्रेस के 5000 से अधिक मैंबर हैं, जिसमे से 4548 वोटों के साथ अंगद दत्ता प्रधान बने हैं, जिसे लेकर युवा वर्ग मे खुशी की लहर है व उन्हें हर तरफ से बधाइयां मिल रही हैं।
PRIME INDIAN NEWS के प्रतीनिधी से बातचीत करते युवा प्रधान अंगद दत्ता ने बताया कि जालंधर कांग्रेस में मुख्य कमेटियों में जिम्मेदारी फैमिली प्रोफाइल, पुराने पद व अनुभव को देखकर मिलती हैं, लेकिन युवा कांग्रेस युवा में पद युवा मेंबरों की वोटिंग से मिलते हैं और यह मेरे जालंधर के युवाओं का मेरे प्रति प्यार और विश्वास जताते हुए मुझे दूसरी बार जिला शहरी युवा कांग्रेस कमेटी के प्रधान बनाया है, जिसके लिए मैं सदैव उनका रिणी रहूँगा।
अंगद दत्ता ने कहा कि आगे 2027 मे विधानसभा चुनाव हैं और वह सीनियर लीडरशिप के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हुए सिटी में सभी 85 वार्ड में यूथ प्रधान बनाएंगे और जिला यूथ कांग्रेस शहरी कमेटी की पूरी टीम के साथ रणनीतिक तौर पर आगे बढ़ेंगे।
अंगद दत्ता ने कहा कि पंजाब में मौजूदा AAP सत्तापक्ष के साथ न तो बीजेपी लड़ रही है और न ही अकाली दल लड रहा है, मौजूदा AAP सत्तापक्ष के साथ सीधा मुकाबला कांग्रेस ही कर रही है। यही नहीं पंजाब के मुद्दों को भी निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ कांग्रेस ही उठा रही है।
जब अंगद दत्ता से पूछा गया कि टिकट पाने के लिए मेहनत जरूरी है या राजनीतिक पहुंच तो उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस में काम ही देखा जाता है। रणनीतिक तैयारियों में युवा कांग्रेस की अहम हिस्सेदारी है। इसी काम के बल पर टिकट मिलती है। सिफारिश की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा याद करें कि युवा कांग्रेस ने पंजाब में ड्रग की समस्या का सर्वे किया था। हर सरकार की प्राथमिकता लिस्ट में ये मुद्दा है। मुद्दों को पहचानने, विधानसभा हलकों का सर्वे-फीडबैक युवा ही करते हैं।
उन्होंने राजा वर्डिंग की उदाहरण देते हुए कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वर्डिंग यूथ कांग्रेस से ही आगे बढ़े। उन्हें टिकट मिली और वह पहले विधायक बने और फिर सांसद बने।
जब अंगद दत्ता से पूछा गया कि जालंधर में कांग्रेस लीडरशिप में ऐसे कौन से चेहरे हैं, जिन्हें विधायक के रुप में देखना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि हमारे जो मौजूदा विधायक हैं, जो विधायक थे, मैं उन सभी चार शहरी हलकों पर उन्हें ही नई पारी में विधायक देखना चाहता हूं।
जब अंगद दत्ता से पूछा गया कि ऐसा कोई नेता जिससे आप सहमत नहीं मगर फिर भी प्रभावित हैं तो उन्होंने कहा कि मैं एक छात्र जैसी जिंदगी जीता हूं। मैं सबसे सीखता हूं और मेरी किसी भी नेता से असहमति नहीं है, मैं सभी से जो सीखता हूं, उससे प्रभावित होता हूं।


गौरतलब है कि अंगद दत्ता कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय अनिल दत्ता के सपुत्र हैं, जिन्होंने युवा कांग्रेस से लेकर कांग्रेस पार्टी के कई अहिम ओहदों पर अपनी जिम्मेदारियों को बाखूबी निभाया है, जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है और अपने पिता के नक्शे कदम पर ही चलते हुए अंगद दत्ता कांग्रेस पार्टी मे अपना दायित्व पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
















