ਦੇਸ਼ਦੁਨੀਆਂਪੰਜਾਬ

ब्रह्मपुर में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक का उद्‌घाटन :पूर्व सैनिकों के सम्मान और सेवा का प्रतीक

जालंधर, एच एस चावला।देश के वीर सैनिकों के प्रति अपार सम्मान और अटूट
सबंध का प्रतीक ब्रह्मपुर (जिला ऊना) में आज एक
नवीन ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक का उद्‌घाटन हुआ।यह केवल एक चिकित्सा सुविधा का शुभारंभ नहीं,
बल्कि उन वीर पूर्व सैनिकों को समर्पित श्रद्धांजलि है
जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने जीवन का समर्पण किया।

लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, एवीएसएम,
वीएसएम जनरल ऑफिसर कमांडिंग वज्र कोर ने इस
पॉलीक्लिनिक को पूर्व सैनिकों एवं स्थानीय जनता को
समर्पित किया।इस अवसर पर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों सैन्य
अधिकारियों एवं नागरिक गणमान्य व्यक्तियों की
उपस्थिति ने माहौल को भावुक कर दिया।

इस ऐतिहासिक पहल के साथ ऊना देश का पहला
जिला बन गया है जहाँ दो सक्रिय ईसीएचएस
पॉलीक्लिनिक कार्यरत हैं भारतीय सेना की यह पहल
दर्शाती है कि सेवा से निवृत्त होने के बाद भी सेना अपने पूर्व सैनिकों की देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है।

यह पॉलीक्लिनिक निःस्वार्थ सेवा और कर्तव्यबोध का
प्रतीक है, जो उन वीरों के दरवाजे तक आधुनिक स्वास्थ्यसुविधाएं पहुँचाएगा, जिन्होंने कभी सीमाओं की रक्षा में पहरा दिया।बाह्य रोगी देखभाल, निदान और सूचीबद्ध अस्पतालों में सुव्यवस्थित रेफरल के लिए पूरी तरह सुसज्जित, यह अस्पताल क्षेत्र में भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ानेका वादा करता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल
चांदपुरिया ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के अदम्य
साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा “सैनिक
भले ही सेवा निवृत्त हो जाए, पर संबंध कभी नहीं टूटते।भारतीय सेना हमेशा अपने पूर्व सैनिकों के साथ सम्मान, देखभाल और कृतज्ञता से खड़ी रहेगी। ” इस अवसर पर उपस्थित पूर्व सैनिकों ने इस पहल का हर्ष और गर्व के साथ स्वागत किया, इसे अपने योगदान की सराहना और सम्मान के रूप में देखा।

कार्यक्रम में ब्रिगेडियर सुजीत नारायण, वाईएसएम, एएसएम, सचिव, राज्य सैनिक बोर्ड, दिल्ली सहित वरिष्ठ सैन्यअधिकारी, पूर्व सैनिक संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक प्रशासन के सदस्य भी सम्मिलित हुए- राष्ट्र रक्षकों के सम्मान और गरिमा की रक्षा हेतु -सभी एक साझा उद्देश्य से एकत्रित हुए थे –।

यह पॉलीक्लिनिक केवल एक स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की ओर से पूर्व सैनिकों के प्रति कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक है- भारतीय सेना की ओर से अपने जांबाजों को एक मौन, लेकिन गहरा सलाम।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button